ABOUT PRARABDH DARSHAN
गूढ़ विद्याओं का अध्ययन।
आत्मबोध की ओर यात्रा।
प्रारब्ध दर्शन ज्योतिष, टैरो, आई चिंग, रमल शास्त्र और गूढ़ विद्याओं के अध्ययन व परामर्श का स्थान है। ध्यान, चक्र और आंतरिक रूपांतरण इस यात्रा के अभिन्न विषय हैं।
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परिचय
अध्ययन और परामर्श
मेरे अध्ययन और परामर्श के केंद्र में ज्योतिष, टैरो, आई चिंग और रमल शास्त्र हैं। ऑकल्ट, एल्केमी, तंत्र, ध्यान और चक्रों के प्रतीकों को उनके संदर्भ में समझना और उन्हें सहज हिंदी में साझा करना प्रारब्ध दर्शन की दिशा है।
मेरी अध्ययन-दृष्टि
किसी सूत्र या चित्र को समझने से पहले मैं उसका संदर्भ देखता हूँ। मूल स्रोत क्या कहता है, उसकी व्याख्या कैसे हुई है और हमारी अपनी समझ कहाँ जुड़ रही है, इन प्रश्नों को साथ रखता हूँ।
यह मंच किसके लिए है
उन जिज्ञासु पाठकों और दर्शकों के लिए जो आध्यात्मिक परंपराओं को समझना चाहते हैं, प्रतीकों की भाषा सीखना चाहते हैं और अपने अनुभव पर ठहरकर विचार करना चाहते हैं।
प्रारब्ध दर्शन का मूल भाव: जो प्रारब्ध में मिला है, उसे समझना और उसके साथ चेतन रूप से जीना सीखना।
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