SYMBOLS · SELF · CONSCIOUSNESS
प्रतीकों से संवाद।
स्वयं की ओर एक यात्रा।
ज्योतिष · टैरो · आई चिंग · रमल शास्त्र
ऑकल्ट · एल्केमी · ध्यान · चक्र
जीवन के संकेतों से अपने भीतर के अर्थ तक।
01 / THE STUDY
देखना। समझना। आत्मसात करना।
एक चित्र, एक ग्रह या एक प्राचीन सूत्र हमें अपने अनुभव को नए ढंग से देखने का अवसर देता है। यहाँ से अपनी रुचि का द्वार चुनिए।
ज्योतिष ↗
जन्मकुंडली, समय और जीवन की परिस्थितियों का अध्ययन। अपनी प्रवृत्तियों को समझने और निर्णयों पर विचार करने की दिशा।
जन्मकुंडली · ग्रह · भाव · गोचर
टैरो ↗
चित्रों की भाषा को पढ़ना। मुद्रा, दृष्टि, वस्तुओं और कार्डों के आपसी संबंध से प्रश्न के भीतर छिपे अर्थ तक पहुँचना।
टैरो दी मार्सेय · दृश्य अध्ययन · प्रतीक
दर्शन और चेतना ↗
तंत्र, कश्मीर शैव दर्शन और वेदांत से लेकर मनोविज्ञान तक। अलग परंपराओं को उनके अपने संदर्भ में समझने की यात्रा।
तंत्र · वेदांत · युंग · तुलनात्मक अध्ययन
आई चिंग ↗
आई चिंग का अध्ययन अपने प्रश्न, बदलती परिस्थिति और उसके प्रति अपनी प्रतिक्रिया को ध्यान से देखने का निमंत्रण है।
रमल शास्त्र ↗
रमल शास्त्र के अध्ययन में प्रश्न, पद्धति और संकेतों के आपसी संबंध को साथ रखा जाता है। उद्देश्य है संदर्भ के भीतर अर्थ समझना।
ऑकल्ट और एल्केमी ↗
गूढ़ विद्याओं और एल्केमी के चित्रों का अध्ययन: पदार्थ, मन और रूपांतरण से जुड़े अर्थों को उनके अपने संदर्भ में समझना।
ध्यान और चक्र ↗
ध्यान, चक्र और साधना का अध्ययन, जिसमें अनुभव के साथ आत्म-अवलोकन और दैनिक व्यवहार में आने वाले परिवर्तन पर ध्यान हो।
“जो प्रारब्ध में मिला है, उसे समझना और उसके साथ चेतन रूप से जीना सीखना।”
02 / THE APPROACH
प्रारब्ध दर्शन
गूढ़ विद्याएँ, साधना और आत्म-अवलोकन
प्रारब्ध दर्शन ज्योतिष, टैरो, आई चिंग, रमल शास्त्र और ऑकल्ट के अध्ययन व परामर्श का स्थान है। एल्केमी, तंत्र, ध्यान और चक्रों के माध्यम से आंतरिक रूपांतरण और आत्मबोध के प्रश्नों पर भी विचार किया जाता है।
किसी प्रतीक का अर्थ उसके संदर्भ से खुलता है। इसलिए यहाँ मूल स्रोत, परंपरा की व्याख्या और व्यक्तिगत चिंतन को पहचानते हुए आगे बढ़ने पर ध्यान है।
ज्योतिष और टैरो को यहाँ पारंपरिक तथा प्रतीकात्मक अध्ययन के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
मेरा परिचय ↗