देह, मन, आत्मा दर्पण

प्रारब्ध दर्शनप्रारब्ध दर्शनPRARABDH DARSHAN
सुनहरी दरारों और बैंगनी रोशनी से जगमगाता प्राचीन दर्पण
WILHELM REICH · LOWEN · JUNG · MASLOW · केवल 18+

शरीर याद रखता है।
देह, मन, आत्मा दर्पण।

जो भावना बार बार दबाई गई, वह मांसपेशियों में कवच बनकर जम जाती है। यह यात्रा शरीर से शुरू होती है, सेक्स एनर्जी के दमन और मन के शैडो से गुज़रती है, और आत्मा के मूल्य तक पहुँचती है।

करीब 55 सवाल और तीन छोटे प्रयोग: साँस, आवाज़ और श्रोणि (pelvis) की हलचल। अंत में आपके शरीर, मन और आत्मा का एक जुड़ा हुआ निष्कर्ष, अभ्यास, ओशो ध्यान के सुझाव और ज़रूरत हो तो क्लिनिकल सलाह। आपके जवाब सिर्फ़ आपके डिवाइस में रहते हैं। 30 से 40 मिनट का शांत समय निकालकर शुरू कीजिए।

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